टोड़ारायसिंह कांग्रेस में सियासी घमासान ।

 टोडारायसिंह कांग्रेस में सियासी घमासान!

पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रामप्रसाद साहू के व्हाट्सऐप संदेशों ने बढ़ाई सियासी हलचल


अरवा न्यूज़ 24  टोडारायसिंह। कांग्रेस पार्टी की स्थानीय राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब पार्टी के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रामप्रसाद साहू द्वारा अपने एक व्हाट्सऐप ग्रुप पर साझा किए गए कुछ संदेशों / वॉलपेपरों ने संगठन के भीतर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। साहू ने अपने संदेशों के माध्यम से वर्तमान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष की कार्यशैली और कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।


पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा साझा किए गए एक वॉलपेपर में कथित रूप से पार्टी संगठन से जुड़े राजनीतिक समीकरणों और भाजपा कार्यकर्ता को डमी प्रत्याशी बनाए जाने जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। वॉलपेपर में यह भी सवाल उठाया गया है कि नामांकन वापस लेने के बाद वार्ड संख्या 23 से भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध कैसे रहा। साहू ने वाट्सएप्प संदेश के माध्यम से लिखा कि यह कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व चेयरमैन की मिलीभगत का नतीजा है। इस संदेश ने स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।


15 लाख रुपये का मुद्दा भी उछाला

दूसरे व्हाट्सऐप वॉलपेपर में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ने यह लिखते हुए संदेश साझा किया कि शहर में चर्चा का विषय बना हुआ हे कि फार्म भरवाने से पूर्व  15 लाख रुपये की डील जिस पर लगी मोहर। पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा ऐसे संदेश साझा करने से सवाल उठता हैं। संदेश की भाषा में तीखापन साफ दिखाई देता है और इसे संगठन के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

इन वॉलपेपरों के वायरल होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल यह है कि आखिर पार्टी के एक पूर्व जिम्मेदार पदाधिकारी को सार्वजनिक मंच जैसे व्हाट्सऐप के जरिए इतने गंभीर मुद्दे उठाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या संगठन के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं?


कांग्रेस नेतृत्व से जवाब की मांग

पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रामप्रसाद साहू द्वारा साझा किए गए संदेशों को लेकर अब पार्टी के स्थानीय और जिला नेतृत्व की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि इन आरोपों में तथ्य हैं तो जांच और जवाबदेही का सवाल उठता है, वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो वर्तमान ब्लॉक अध्यक्ष को अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखना चाहिए।

फिलहाल, इन व्हाट्सऐप संदेशों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित वर्तमान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


अब सबसे बड़ा सवाल—

क्या रामप्रसाद साहू के इन सार्वजनिक सवालों से टोडारायसिंह कांग्रेस में नया सियासी संग्राम शुरू होगा, या पार्टी नेतृत्व समय रहते इस अंदरूनी विवाद को शांत कर पाएगा?

व्हाट्सऐप पर साझा किए गए दोनों वॉलपेपरों ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि टोडारायसिंह कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में अब सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा।

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